बारिश में खिड़की के पास खड़ी एक युवती, हाथ में सूखा गुलाब लिए दूर क्षितिज की ओर देखती हुई। उसके चेहरे पर बिछड़ने की पीड़ा और पुरानी यादों की गहरी भावनाएँ झलक रही हैं।

…कि मुझे सब याद है

कुछ रिश्ते भले ही जीवन से चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसे प्रेम, अधूरी मुलाकातों, बारिश की स्मृतियों और अनकहे एहसासों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।

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चांदनी रात में समुद्र किनारे खड़ा एक अकेला व्यक्ति क्षितिज की ओर देख रहा है। किनारे से टकराती लहरें, गीली रेत पर पदचिह्न और शांत वातावरण प्रेम, यादों और विरह की भावनाओं को दर्शा रहे हैं।

लहरों सी मेरी यादें…

कुछ यादें समंदर की लहरों जैसी होती हैं। वे बार-बार दिल के किनारे से टकराती हैं और किसी अपने का नाम फिर से लिख जाती हैं। यह कविता प्रेम, विरह और उन यादों की कहानी है, जो समय बीत जाने के बाद भी दिल में जीवित रहती हैं।

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टेबल पर खुली किताब, बिखरे कागज़ और खिड़की से आती रोशनी, अधूरे सपनों का भावनात्मक दृश्य

ख़्वाब

ख़्वाब” कविता अधूरे सपनों, बिखरी ख्वाहिशों और यादों की गहराई को व्यक्त करती है। यह रचना बताती है कि हर सपना पूरा होना ज़रूरी नहीं, कुछ अधूरे ख़्वाब ही जीने की वजह बन जाते हैं और यादों में हमेशा जिंदा रहते हैं।

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पुरानी गलियों में खड़ा एक व्यक्ति बचपन की यादों में खोया हुआ, भावनात्मक दृश्य

वो गलियां

“वो गलियां” कविता बचपन की यादों, पुरानी गलियों और बीते समय की भावनात्मक यात्रा है। यह रचना बताती है कि अतीत हमें संवारता है, लेकिन भविष्य का निर्माण केवल आज के संघर्ष और प्रयासों से होता है। यादों और वर्तमान के बीच संतुलन का सुंदर संदेश देती कविता।

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कि मुझे सब याद है

…कि मुझे सब याद है

वह उन जगहों, एहसासों और यादों से दूर भागना चाहती है, जहाँ कभी उनका साथ था। फिर भी सच यही है कि सब कुछ बारिशें, स्पर्श, वादे और वो पल उसके भीतर अब भी ज़िंदा हैं। लेकिन वह चुप रहना चुनती है, क्योंकि कुछ यादें कह देने से नहीं, छुपा लेने से बचती हैं।

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