यादों का झरोखा
बीते लम्हों की खुशबू, पुरानी हँसी और अनकही बातें जब यादों के झरोखे से लौटती हैं, तो मन में एक मीठी नमी उतर आती है।

बीते लम्हों की खुशबू, पुरानी हँसी और अनकही बातें जब यादों के झरोखे से लौटती हैं, तो मन में एक मीठी नमी उतर आती है।
कुछ रिश्ते भले ही जीवन से चले जाएँ, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहती हैं। यह कविता बिछड़ने के बाद भी दिल में बसे प्रेम, अधूरी मुलाकातों, बारिश की स्मृतियों और अनकहे एहसासों को बेहद संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है।
कुछ यादें समंदर की लहरों जैसी होती हैं। वे बार-बार दिल के किनारे से टकराती हैं और किसी अपने का नाम फिर से लिख जाती हैं। यह कविता प्रेम, विरह और उन यादों की कहानी है, जो समय बीत जाने के बाद भी दिल में जीवित रहती हैं।
वह उन जगहों, एहसासों और यादों से दूर भागना चाहती है, जहाँ कभी उनका साथ था। फिर भी सच यही है कि सब कुछ बारिशें, स्पर्श, वादे और वो पल उसके भीतर अब भी ज़िंदा हैं। लेकिन वह चुप रहना चुनती है, क्योंकि कुछ यादें कह देने से नहीं, छुपा लेने से बचती हैं।