टेबल पर खुली किताब, बिखरे कागज़ और खिड़की से आती रोशनी, अधूरे सपनों का भावनात्मक दृश्य

ख़्वाब

ख़्वाब” कविता अधूरे सपनों, बिखरी ख्वाहिशों और यादों की गहराई को व्यक्त करती है। यह रचना बताती है कि हर सपना पूरा होना ज़रूरी नहीं, कुछ अधूरे ख़्वाब ही जीने की वजह बन जाते हैं और यादों में हमेशा जिंदा रहते हैं।

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पुरानी गलियों में खड़ा एक व्यक्ति बचपन की यादों में खोया हुआ, भावनात्मक दृश्य

वो गलियां

“वो गलियां” कविता बचपन की यादों, पुरानी गलियों और बीते समय की भावनात्मक यात्रा है। यह रचना बताती है कि अतीत हमें संवारता है, लेकिन भविष्य का निर्माण केवल आज के संघर्ष और प्रयासों से होता है। यादों और वर्तमान के बीच संतुलन का सुंदर संदेश देती कविता।

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कि मुझे सब याद है

…कि मुझे सब याद है

वह उन जगहों, एहसासों और यादों से दूर भागना चाहती है, जहाँ कभी उनका साथ था। फिर भी सच यही है कि सब कुछ बारिशें, स्पर्श, वादे और वो पल उसके भीतर अब भी ज़िंदा हैं। लेकिन वह चुप रहना चुनती है, क्योंकि कुछ यादें कह देने से नहीं, छुपा लेने से बचती हैं।

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