मुझे भूल जाने की आदत नहीं है
कुछ रिश्ते टूटकर भी दिल से नहीं मिटते. प्रस्तुत कविता ‘मुझे भूल जाने की आदत नहीं है’ में प्रेम, विरह, उपेक्षा और बिछड़ने की पीड़ा को बेहद संवेदनशील शब्दों में व्यक्त किया गया है. यह कविता उन भावनाओं की अभिव्यक्ति है, जिन्हें इंसान चाहकर भी भुला नहीं पाता.
