मुझसे मेरा मन बंजारा
माटी से माटी के नाते पर सवाल उठाता मन, पथराई आँखों में छिपी पीड़ा और भीतर सुलगते अहसासों को यह कविता संवेदनशील शब्दों में व्यक्त करती है.

माटी से माटी के नाते पर सवाल उठाता मन, पथराई आँखों में छिपी पीड़ा और भीतर सुलगते अहसासों को यह कविता संवेदनशील शब्दों में व्यक्त करती है.