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आलिंगन, निकटता और परमानंद : स्त्री का पूरा अस्तित्व

ओशो के डिस्कोर्स से औरत सेक्स में बहुत अधिक रुचि नहीं रखती। वह गर्माहट, गले लगाने, मित्रता और प्रेम में ज़्यादा रुचि रखती है। पुरुष अधिकतर सेक्स में रुचि रखते हैं। ये गलतफहमियाँ इस बात को दर्शाती हैं कि शायद भगवान ने दुनिया नहीं बनाई होगी — क्योंकि यहाँ कुछ भी मेल नहीं खाता। ऐसा…

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एक मुलाकात दीवारों के साथ

एक दीवारों से मुलाकात का अनुभव, जहाँ बचपन, जवानी और यादों की आवाज़ें जीवंत हो उठती हैं। दीवारें सिर्फ मकान का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे एहसासों, मासूमियत और शरारतों की साझेदार होती हैं। समय के रंग और स्मृतियों की गूंज दीवारों पर जिंदा रहती है, और एक छोटी सी बॉल, एक बच्चा, और पुरानी यादें हमें हमारे अतीत की ओर खींच लेती हैं।

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इजाज़त दो… बस पास रहने की

मैं सोचती हूं कि क्यों इन दिनों हर पल तुम्हारा ही ख़याल आता है। दिल करता है कि कुछ ऐसा बन जाऊं जिससे तुम्हारे आस-पास रह सकूं हमेशा — कभी वो कागज़ जिस पर तुम दिल की बातें लिखते हो, कभी तुम्हारी कलम, तुम्हारी ऐनक, या बस कोई ख़याल जिसमें तुम डूबे रहते हो। लेकिन सबसे ज़्यादा दिल चाहता है कि मैं वो अश्क बन जाऊं — जो तुम्हारी आंखों में ठहरा होता है, जिसे तुम दुनिया से छुपाकर रखते हो, गिरने नहीं देते किसी के सामने। वही अश्क, जो तुम्हारे सबसे पास होता है और फिर भी नज़र नहीं आता। ख़्वाहिश बस इतनी है… कहो, क्या इजाज़त है?

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