Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
चाँदनी रात में शांत झील के किनारे सजे हुए रथ पर साथ बैठे भारतीय दंपति, जिनके चेहरे पर आत्मिक प्रेम, स्नेह और मधुर भावनाओं की झलक दिखाई दे रही है। आसपास खिलते फूल और चाँदनी कविता के श्रृंगार रस को साकार करते हैं।

प्रीति-रथ पर गीत बैठे

‘प्रीति-रथ पर गीत बैठे’ प्रेम, नेह और आत्मीय भावनाओं से ओतप्रोत एक मधुर हिंदी गीत है। इसमें चाँदनी, स्वप्न, रागिनी और प्रकृति के सुंदर बिंबों के माध्यम से प्रेम की कोमल अनुभूतियों को सजीव किया गया है। श्रृंगार रस से सुसज्जित यह कविता दो हृदयों के आत्मिक मिलन, जीवन की मधुर स्मृतियों और प्रेम की शाश्वत अनुभूति को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत करती है।

Read More
राष्ट्रभक्ति और मानवता का संदेश देता हिंदी प्रणय गीत

प्रणय गीत

यह गीत प्रेम की अभिव्यक्ति से पहले राष्ट्र, मानवता और एकता को सर्वोच्च स्थान देता है। समाज में बढ़ती घृणा, विघटन और चुनौतियों के बीच यह रचना प्रेम से अधिक कर्तव्य, समर्पण और राष्ट्रीय चेतना का प्रभावशाली संदेश देती है।

Read More
विरह में डूबी एक स्त्री, दूर जाती परछाईं को निहारती हुई, आँखों में प्रेम और प्रतीक्षा का गहरा भाव।

नज़र से जुदा

कुछ लोग नज़रों से दूर हो जाते हैं, मगर दिल से नहीं। यह कविता उसी विरह, स्मृति और लौट आने की उम्मीद का गीत है, जहाँ प्रेम जुदाई के बाद भी सांस लेता रहता है।

Read More
ग्रामीण आंगन में एक विरहिणी स्त्री दीपक के पास बैठी प्रेम पत्र लिखवा रही है, पास में संदेशवाहक खड़ा है और आसमान में चाँद चमक रहा है।

लिख दे कासिद लिख दे

लिख दे कासिद लिख दे इक खत’ प्रेम, विरह और समर्पण की मधुर अभिव्यक्ति है। इसमें एक विरहिणी नायिका अपने प्रियतम तक मन की व्यथा, प्रेम की स्मृतियाँ और जीवन की अधूरी अनुभूतियाँ पहुँचाने की विनती करती है।

Read More