नज़र से जुदा
कुछ लोग नज़रों से दूर हो जाते हैं, मगर दिल से नहीं। यह कविता उसी विरह, स्मृति और लौट आने की उम्मीद का गीत है, जहाँ प्रेम जुदाई के बाद भी सांस लेता रहता है।

कुछ लोग नज़रों से दूर हो जाते हैं, मगर दिल से नहीं। यह कविता उसी विरह, स्मृति और लौट आने की उम्मीद का गीत है, जहाँ प्रेम जुदाई के बाद भी सांस लेता रहता है।
लिख दे कासिद लिख दे इक खत’ प्रेम, विरह और समर्पण की मधुर अभिव्यक्ति है। इसमें एक विरहिणी नायिका अपने प्रियतम तक मन की व्यथा, प्रेम की स्मृतियाँ और जीवन की अधूरी अनुभूतियाँ पहुँचाने की विनती करती है।