अन्याय का समर
अन्याय के सामने मौन रहने के बजाय जागने और अपने कर्तव्यों को पहचानने का आह्वान करती यह कविता मानवता, न्याय और सामाजिक चेतना की आवाज़ बनकर सामने आती है।

अन्याय के सामने मौन रहने के बजाय जागने और अपने कर्तव्यों को पहचानने का आह्वान करती यह कविता मानवता, न्याय और सामाजिक चेतना की आवाज़ बनकर सामने आती है।