महंगे होते घर, दूर होता सपना
एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश के शीर्ष सात शहरों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में औसतन 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि कुल बिक्री मात्रा में 14 प्रतिशत की गिरावट आई. ऊंची कीमतें, आईटी सेक्टर में छंटनी और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण आम लोगों के लिए घर खरीदना लगातार कठिन होता जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 2026 में होम लोन की ब्याज दरों में कमी आती है, तो रियल एस्टेट बाजार में दोबारा मांग बढ़ सकती है.
