महंगे होते घर, दूर होता सपना

कीमतें बढ़ीं, खरीदार घटे, सात बड़े शहरों में सुस्त पड़ा रियल एस्टेट बाजार

नई दिल्ली . देश के बड़े महानगरों में अपने घर का सपना अब आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है. वर्ष 2025 में देश के शीर्ष सात शहरों में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई, जबकि खरीदारों की संख्या में साफ गिरावट दर्ज की गई. मुंबई महानगर क्षेत्र और दिल्ली एनसीआर जैसे बड़े बाजारों में त्योहारी सीजन के बावजूद मकानों की बिक्री अपेक्षा से कमजोर रही. इन शहरों में केवल चेन्नई ऐसा रहा, जहां घरों की बिक्री में बढ़ोतरी देखने को मिली.

रियल एस्टेट सेवाएं देने वाली एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में इन सात प्रमुख शहरों में बिके घरों की कुल वैल्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 5.68 लाख करोड़ रुपए था. हालांकि बिक्री मूल्य बढ़ने के बावजूद कुल बिक्री मात्रा में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. साल 2025 में देशभर में कुल 3,95,625 आवासीय इकाइयां बिकीं, जबकि 2024 में यह संख्या 4,59,645 यूनिट्स रही थी.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ऊंची प्रॉपर्टी कीमतें, आईटी सेक्टर में छंटनी, भू-राजनीतिक तनाव और उपभोक्ता मांग में कमी बिक्री घटने के प्रमुख कारण रहे. मुंबई महानगर क्षेत्र में 1,27,875 यूनिट्स की बिक्री हुई, लेकिन इसमें सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की गिरावट आई. पुणे में 65,135 यूनिट्स की बिक्री के साथ 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. एमएमआर और पुणे ने मिलकर कुल बिक्री का 49 प्रतिशत हिस्सा रखा. इसके उलट चेन्नई में बिक्री 15 प्रतिशत बढ़कर 22,180 यूनिट्स तक पहुंची.

एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी ने कहा कि वर्ष 2025 अनिश्चितताओं से भरा रहा, लेकिन इसके बावजूद कुल बिक्री मूल्य में इजाफा हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, नई आवासीय आपूर्ति का 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सा 2.5 करोड़ रुपए से ऊपर के प्रीमियम सेगमेंट में रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि रेपो दरों में संभावित कटौती से 2026 में होम लोन सस्ते हो सकते हैं, जिससे मांग में फिर से तेजी आने की उम्मीद है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *