आधी खुली किवाड़ से बाहर झाँकती एक चिंतनशील भारतीय स्त्री, स्वतंत्रता और आत्म-अभिव्यक्ति की आकांक्षा का प्रतीक।

गुम औरतें

आधी खुली किवाड़ों से बाहर झाँकती वे स्त्रियाँ, जिन्होंने सीमाओं के भीतर रहकर भी खुले आकाश का सपना देखा था। समय के साथ वे कहीं गुम-सी हो गईं, लेकिन उनकी इच्छाएँ, मुस्कानें और स्वतंत्रता की आकांक्षा आज भी हमारे भीतर जीवित हैं।

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