शब्दों से सपनों तक का सफर
बचपन से शब्दों से जुड़ी लेखिका ने परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी रचनात्मक पहचान बनाई. ‘कुमकुम लगे पाँव’ उनके साहित्यिक सफर और स्त्री जीवन के विविध रंगों की संवेदनशील अभिव्यक्ति है.

बचपन से शब्दों से जुड़ी लेखिका ने परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी रचनात्मक पहचान बनाई. ‘कुमकुम लगे पाँव’ उनके साहित्यिक सफर और स्त्री जीवन के विविध रंगों की संवेदनशील अभिव्यक्ति है.