दशहरा पर्व
दशहरा का पर्व असुरों के विनाश और धर्म की विजय का प्रतीक है। जब रावण का अंत हुआ, तब देवता भयमुक्त होकर उल्लास से दुंदुभियाँ बजाने लगे और अप्सराएँ गान करने लगीं। ऋषि-मुनि अपने जप और ध्यान में और अधिक एकाग्र होकर उन्मुक्त हो उठे। विभीषण को लंका का राज्य देकर भगवान राम अपने वनवास का अंत कर अयोध्या लौटे। नगरवासियों ने विजयध्वजा फहराई, माता सीता की आरती उतारी और पुष्पों की बौछार की। उस बेला में मिलन और उल्लास का ऐसा वातावरण बना कि नर-नारी आनंद में झूमकर नृत्य करने लगे।
