gulmohar

अजब दौर है…

नमिता गुप्ता, लखनऊ (उ.प्र) ” सरल बेटा, क्या हाल है तुम्हारा।”मैं ठीक हूँ दादाजी । अभी मै कालेज में हूँ। टेक केयर दादा जी… मैं फोन रखता हूँ।”विजय ने अपने मित्र को फोन मिलाया “हेलो!! गगन तू कैसा है ?”“यार ,मैं ठीक हूँ, तू अपनी बता।”” क्पा बताऊ यार,बुढ़ापे में जोड़ों में दर्द रहता है।…

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