अग्निपरीक्षा हुई है मेरी
अग्निपरीक्षा, विरह और प्रतीक्षा की पीड़ा को सीता के दृष्टिकोण से व्यक्त करती यह कविता नारी की गरिमा, कर्तव्य और अंतर्मन के दर्द को सामने रखती है.

अग्निपरीक्षा, विरह और प्रतीक्षा की पीड़ा को सीता के दृष्टिकोण से व्यक्त करती यह कविता नारी की गरिमा, कर्तव्य और अंतर्मन के दर्द को सामने रखती है.