gulmohar

साक्षी

स्वप्न और प्रेम के एहसास को दर्शाती हिंदी कविता स्वप्न: मैं, तुम और हम

विशाखा, प्रसिद्ध कवयित्री

स्वप्न

मैं देखती हूँ

मुझे देखते हुए …

मैं देखती हूँ

स्वप्न

तुम देखते हो

तुम्हें देखते हुए …

….मैं देखती हूँ

स्वप्न

हम देखते हैं

हमें देखते हुए ….

….मैं देखती हूँ
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