रूदन नहीं हुंकार चाहिए
यह कविता नारी के उस रूप को उजागर करती है जो केवल सहन नहीं करती, बल्कि अन्याय के खिलाफ हुंकार भरती है। जब अत्याचार सीमा पार करता है, तो वही नारी काली, दुर्गा और लक्ष्मीबाई बनकर अन्याय का अंत करती है।

यह कविता नारी के उस रूप को उजागर करती है जो केवल सहन नहीं करती, बल्कि अन्याय के खिलाफ हुंकार भरती है। जब अत्याचार सीमा पार करता है, तो वही नारी काली, दुर्गा और लक्ष्मीबाई बनकर अन्याय का अंत करती है।
यह कविता भगवान कृष्ण के अनेक दिव्य रूपों और लीलाओं का भावपूर्ण चित्रण करती है, जिसमें बाल्यकाल की नटखटता से लेकर धर्म और कर्म का उपदेश देने वाले सारथी रूप तक उनकी अनंत महिमा को दर्शाया गया है.
उज्जैन-इंदौर के बीच बन रहा 48 किमी ग्रीन कॉरिडोर सफर को 35 मिनट में सिमटाएगा और सिंहस्थ 2028 से पहले क्षेत्रीय विकास का बड़ा आधार बनेगा.
: जहां साइबर ठग अक्सर बुजुर्गों को निशाना बनाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाते हैं, वहीं निगडी में एक 81 वर्षीय पिता ने अपनी सूझबूझ से ठगों की पूरी साजिश नाकाम कर दी. उनकी सतर्कता से उनके बेटे और बहू को लाखों रुपये की ठगी से बचाया जा सका.
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान फिल्मी जगत के कई सितारे शामिल हुए। पंजाबी फिल्मों के अभिनेता और सिंगर अमित भल्ला पारंपरिक पोशाक पहनकर भस्म आरती में सम्मिलित हुए और बाबा महाकाल के दर्शन किए।
डॉ. रत्ना मानिक एक ऐसी हिंदी लेखिका हैं, जो समाज की पीड़ा, मानवीय संवेदनाओं और ज्वलंत मुद्दों को अपनी सशक्त और स्पष्ट लेखनी के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
यह कविता रिश्तों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाती है, जिसमें बुज़ुर्गों का सम्मान, बेटियों की सुरक्षा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का सुंदर संदेश दिया गया है।
वृन्दावन में यमुना नदी में हुआ नाव हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई, संचालकों की लापरवाही और जनता की अनदेखी का परिणाम है। यह घटना सामूहिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है।