रास की कथा से जीवन होता है रसपूर्ण

श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन पंडित सुनील कृष्ण व्यासजी ने कहा

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज पुणे

महिदपुर रोड- स्थानीय श्री राम मंदिर हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन भक्तिरस से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला. कथा व्यास पंडित सुनील कृष्ण व्यास ने रास की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि रास की कथा जीवन के हर रस को पूर्ण कर देती है. जो व्यक्ति रास की कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में फिर किसी रस की कमी नहीं रहती.


पंडित व्यास ने सुंदर उपमा देते हुए कहा कि जैसे जलेबी चाशनी में डूबे बिना फीकी रहती है, वैसे ही मनुष्य योनि पाकर भी यदि व्यक्ति अपने जीवन को भगवान के भजन रूपी चाशनी में नहीं डुबोता, तो उसका जीवन भी फीका ही रह जाता है. उनके इन भावपूर्ण वचनों से कथा पंडाल श्रद्धा और भक्ति से गूंज उठा.


कथा के दौरान भगवान द्वारकाधीश और माता रुक्मिणी के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावुक वर्णन किया गया. पंडित व्यास ने कहा कि रुक्मिणी भक्त हैं और द्वारकाधीश स्वयं भगवान हैं. भगवान अपने भक्तों को प्रेम से ही प्राप्त होते हैं. जब रुक्मिणी प्रेम और भक्ति की पात्र बनीं, तभी भगवान द्वारकाधीश ने उनका हरण कर उन्हें स्वीकार किया.


छठे दिन की कथा, विवाह प्रसंग, आरती एवं प्रसादी के लाभार्थी छगनलाल ऊंकारलाल फरक्या परिवार, निंबोदिया रहे. कथा से पूर्व भगवान द्वारकाधीश और रुक्मिणी मैया की भव्य बारात श्री शेषशायी विष्णु मंदिर, पोरवाल परिसर से बैंड-बाजों के साथ निकाली गई. इस शोभायात्रा में नगर के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे नगर में भक्ति का माहौल बन गया.


कथा में आज स्थानीय विधायक दिनेश जैन बॉस, भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष गुरुचरण सिंह तथा गुरुदेव भक्त मंडल, ताल आलोट हाटपीपल्या से आए अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे. सभी ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ लिया और भगवान के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

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