Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

आईआईटी मुंबई के भोजनालय को पुणे के डॉ. प्रमोद चौधरी का नाम

संस्था और पूर्व छात्रों के स्थायी संबंध का आईआईटी की ओर से किया गया सम्मान

सुरेश परिहार, पुणे

पुणे, 22 दिसंबर,

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुंबई ने अपने छात्रावास क्रमांक 4 में पुनर्निर्मित अत्याधुनिक भोजनालय का हाल ही में उद्घाटन किया है. इस भोजनालय को आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र, देश के वरिष्ठ उद्योगपति और भारत के इथेनॉल मैन के रूप में पहचाने जाने वाले पुणे के उद्योगपति डॉ. प्रमोद चौधरी का नाम दिया गया है. आईआईटी मुंबई के वर्ष 1971 की बीटेक बैच के पूर्व छात्र डॉ. प्रमोद चौधरी के सम्मान में उठाया गया यह कदम संस्था और एक पूर्व छात्र के बीच के स्थायी संबंध का गौरवपूर्ण प्रतीक है.

800 से अधिक लोगों की बैठने की क्षमता वाला यह नया भोजनालय अब पवई परिसर का सबसे बड़ा भोजनालय बन गया है. यह आधुनिक सुविधा आईआईटी मुंबई के व्यापक परिवर्तन एजेंडे का हिस्सा है. छात्र कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए, छात्रों के आवासीय और सामुदायिक अनुभव को समृद्ध करने पर संस्था का फोकस है. संस्था का मानना है कि समग्र शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, इसी सोच के तहत इस आधुनिक सुविधा का निर्माण किया गया है.

अपने छात्र जीवन में छात्रावास क्रमांक 4 में रहने वाले डॉ. चौधरी ने निरंतर संस्थान की विभिन्न पहलों में भागीदारी और योगदान के माध्यम से संस्थान के उद्देश्यों का समर्थन किया है. भोजनालय को उनका नाम देकर आईआईटी मुंबई के साथ उनके आजीवन संबंधों और उन्हें गढ़ने वाली संस्था को कुछ लौटाने की उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान किया गया है.

भोजनालय के उद्घाटन अवसर पर डॉ. प्रमोद चौधरी ने कहा कि औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ सामूहिक अनुभव भी सीखने की प्रक्रिया को आकार देते हैं. मेरे आईआईटी बॉम्बे के दिनों में भोजनालय वह स्थान था जहां विचारों का आदान-प्रदान होता था, मित्रता के संबंध बनते थे और हमारा दृष्टिकोण व्यापक होता था. मुझे उम्मीद है कि यह नई जगह शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समुदाय, संवाद और छात्रों के व्यक्तिगत विकास को भी निरंतर प्रोत्साहित करेगी.

आईआईटी मुंबई के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने कहा कि यह नया भोजनालय निकट भविष्य में छात्रों के सर्वांगीण विकास को समर्थन देने वाली एक सजीव आवासीय और सामुदायिक जगह के रूप में विकसित होगा, ऐसा हमें विश्वास है. संस्थान के अब तक के परिवर्तन में पूर्व छात्रों का सहयोग हमेशा महत्वपूर्ण रहा है और डॉ. प्रमोद चौधरी के संस्थान के साथ स्थायी संबंधों तथा छात्रों के अनुभव को समृद्ध करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए हम सदैव आभारी हैं.

शैक्षणिक संस्थान राष्ट्र निर्माण में मूलभूत भूमिका निभाते हैं, इस पर प्राज इंडस्ट्रीज का दृढ़ विश्वास है. डॉ. चौधरी का आईआईटी मुंबई के साथ संबंध उनकी और प्राज की सामाजिक जिम्मेदारी, उन पर संस्थान के दीर्घकालीन प्रभाव और भविष्य के नेताओं को आकार देने वाली ज्ञान आधारित व्यवस्था में निवेश करने के व्यापक दर्शन को दर्शाता है, ऐसा हमारा मानना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *