पुणे, । आशाजनक कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से बीते 28 वर्षों से आयोजित किया जा रहा कावेरी परंपरा बालसंगीत महोत्सव इस वर्ष भी उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जंगली महाराज रोड स्थित बालगंधर्व रंगमंदिर में हुए इस आयोजन में नन्हें कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा को जीवंत करते हुए अनुशासित और प्रभावी प्रस्तुतियाँ दीं। पुणे फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायक राहुल देशपांडे, सुप्रसिद्ध तबला वादक निखिल फाटक तथा विख्यात कथक नृत्यांगना शर्वरी जमेनीस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर कन्नड़ संघ के अध्यक्ष कुशल हेगड़े, उपाध्यक्षा इंदिरा सालियान और कोषाध्यक्ष राधिका शर्मा भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की संकल्पना कन्नड़ संघ की सचिव मालती कलमाडी की थी। समन्वय का दायित्व कावेरी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की शिक्षा प्रमुख पल्लवी नाइक, डॉ. कलमाडी श्यामराव हाईस्कूल (गणेशनगर) की प्रधानाध्यापिका अंजली कुलकर्णी और संगीत शिक्षिका अपर्णा लेले ने संभाला। कार्यक्रम को फ्लीटगार्ड फिल्टर्स प्रा. लि. का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
अपने संबोधन में मालती कलमाडी ने कहा—“नई पीढ़ी की प्रतिभा को समय रहते अवसर और प्रोत्साहन मिलना ज़रूरी है। कला को शिक्षा की मुख्य धारा में मान्यता मिले, इसी उद्देश्य से हम 28 वर्षों से यह महोत्सव आयोजित कर रहे हैं। यह केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने सांस्कृतिक धरोहर को समझे, आत्मसात करे और आगे बढ़ाए।”
कार्यक्रम के दौरान राहुल देशपांडे, शर्वरी जमेनीस और निखिल फाटक का विशेष सम्मान किया गया। साथ ही भारतीय कला परंपरा को जीवित रखने में योगदान देने वाले कई गुरुओं का भी आदरपूर्वक गौरव किया गया।
महोत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों ने गायन, एकल तबला वादन, शास्त्रीय नृत्य, नाट्यगीत, समूहगान और ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियाँ दीं। राग शुद्ध सारंग से लेकर राग यमन तक की विविध झलकियाँ रसिकों ने भरपूर सराहीं।
कार्यक्रम का संचालन अश्विनी देवधर (मराठी) और गौतमि पांडे (हिंदी) ने किया।