सर्प मित्र मनीष मसीह ने गोदाम से किया गोह का सुरक्षित रेस्क्यू, लोगों से वन्यजीवों को न मारने की अपील

महिदपुर रोड में गोदाम से गोह का सुरक्षित रेस्क्यू, सर्प मित्र मनीष मसीह ने बचाई जान

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे

महिदपुर रोड। महिदपुर रोड में सोमवार को खाद-बीज व्यवसायी नरेश सेठिया के गोदाम में एक गोह (Monitor Lizard) दिखाई देने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही सर्प मित्र मनीष मसीह मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी तथा विशेषज्ञता के साथ गोह का सफल रेस्क्यू किया। बाद में उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास, जंगल में छोड़ दिया गया।मनीष मसीह ने बताया कि गोह को देखकर अधिकांश लोग डर जाते हैं और उसे जहरीला समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में यह जहरीला नहीं होता। यह वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और खेतों व आसपास के क्षेत्रों में चूहों, कीटों तथा अन्य छोटे जीवों की संख्या नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए इसका संरक्षण बेहद आवश्यक है।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी घर, गोदाम, खेत या अन्य स्थान पर गोह अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास करें। इसकी सूचना तुरंत प्रशिक्षित सर्प मित्र या वन विभाग को दें। बिना प्रशिक्षण के किसी भी वन्यजीव को पकड़ने का प्रयास करना खतरनाक हो सकता है।

पूरी सावधानी से किया गया रेस्क्यू

रेस्क्यू के दौरान मनीष मसीह ने सबसे पहले घटनास्थल पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। इसके बाद विशेष रेस्क्यू उपकरणों की सहायता से गोह को बिना किसी चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ा और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उसे जंगल में छोड़ दिया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में खाद-बीज व्यवसायी पूरे समय तक साथ रहे और मनीष मसीह को सहयोग करते रहे.

वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दें।
  • वन्यजीव को घेरने, छेड़ने या मारने का प्रयास न करें।
  • स्वयं सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा बच्चों और पालतू जानवरों को भी दूर रखें।
  • केवल प्रशिक्षित व्यक्ति ही रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग करें।
  • वन्यजीव को अनावश्यक तनाव न दें और उसे चोट पहुंचाने से बचें।
  • आवश्यकता पड़ने पर तुरंत वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम से संपर्क करें।

वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक बनने की अपील

मनीष मसीह ने कहा कि गोह सहित सभी वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। अज्ञानता या भय के कारण उन्हें मारना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत दंडनीय अपराध भी हो सकता है। जागरूकता, धैर्य और समय पर विशेषज्ञों को सूचना देकर मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

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