
ज्योति जैन, गुना
बचा कर रखना थोड़ी खुशी
हमारे प्यार की ख़ातिर,
हुए इकरार की ख़ातिर।
मुस्कुराना हरदम यूँ ही
हमारे दीदार की ख़ातिर।
मिल जाए कभी गर राहों में,
नज़रें कभी मत फेरना।
बचा कर रखना थोड़ी खुशी
मुलाक़ात की ख़ातिर।
यादों में तुम हो, ख़्वाबों में तुम हो,
नज़रों में तुम हो, नज़ारों में तुम हो।
बचा कर रखना थोड़ी खुशी
इंतज़ार की ख़ातिर।
तुम्हीं से गुस्सा, तुम्हीं से प्यार,
तुम्हीं से झगड़ा, तुम्हीं से तकरार।
बचा कर रखना थोड़ी खुशी
हमारे प्यार की ख़ातिर।
