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रूमानी बारिश

खिड़की के पास रखी गर्म चाय का कप, शीशे पर गिरती बारिश की बूँदें और यादों में खोया एक व्यक्ति, जो प्रेम और सुकून भरे पलों को याद कर रहा है।

रुचि अग्रवाल, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)

कुछ यादें ऐसी होती हैं जो किसी तारीख़, किसी तस्वीर या किसी जगह की मोहताज नहीं होतीं। वे अचानक किसी बारिश की बूँद के साथ लौट आती हैं, चाय की भाप में घुल जाती हैं और दिल के किसी शांत कोने में फिर से हलचल पैदा कर देती हैं। शायद इसलिए बारिश, चाय और किसी की मीठी यादों का रिश्ता इतना गहरा होता है।

बारिश जब खिड़की के शीशों पर दस्तक देती है, तो लगता है जैसे मौसम अपने साथ बीते दिनों की कोई पुरानी कहानी लेकर आया हो। आसमान से गिरती हर बूँद मानो किसी भूले हुए लम्हे को छूकर आई हो। ऐसे में हाथ में गर्म चाय का कप हो और दिल में किसी अपने की याद, तो समय जैसे कुछ देर के लिए ठहर जाता है।

कभी-कभी प्रेम साथ होने का नाम नहीं होता, बल्कि किसी की अनुपस्थिति में भी उसके होने का एहसास बने रहने का नाम होता है। बारिश के दिनों में यह एहसास और गहरा हो जाता है। चाय की हर चुस्की के साथ कोई मुस्कान याद आती है, कोई अधूरी बात याद आती है, या फिर वह पल, जब दो लोग बिना कुछ कहे घंटों तक बारिश को निहारते रहे थे।

यादों की सबसे खूबसूरत बात यह है कि वे उम्र के साथ पुरानी नहीं पड़तीं। वे बस और अधिक मुलायम हो जाती हैं। जैसे बारिश के बाद मिट्टी की खुशबू दिल को सुकून देती है, वैसे ही किसी प्रिय व्यक्ति की मीठी यादें मन को एक अनकही शांति देती हैं। चाहे वह व्यक्ति आज हमारे साथ हो या केवल यादों में बसता हो, उसकी मौजूदगी का एहसास कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता।

बरसात का मौसम प्रेम को शब्दों से ज्यादा एहसासों में बदल देता है। खिड़की के पास बैठकर दूर तक गिरती बारिश को देखना, हाथों में चाय का कप थामे किसी की बातें याद करना और उन बातों पर अनायास मुस्कुरा देना—ये छोटे-छोटे पल ही जीवन की सबसे बड़ी खुशियाँ बन जाते हैं।

आज की भागती-दौड़ती दुनिया में लोग अक्सर समय की कमी की शिकायत करते हैं। लेकिन बारिश जैसा मौसम हमें याद दिलाता है कि जीवन केवल मंज़िल तक पहुँचने का नाम नहीं है। कभी-कभी रुककर उन लोगों को याद करना भी ज़रूरी होता है, जिन्होंने हमारे दिल को खूबसूरत यादों से भर दिया।

शायद यही वजह है कि बारिश हमेशा केवल मौसम नहीं होती; वह एक एहसास होती है। चाय केवल एक पेय नहीं होती, वह सुकून का दूसरा नाम बन जाती है। और किसी की मीठी यादें केवल स्मृतियाँ नहीं होतीं, वे दिल की वह धड़कन होती हैं, जो दूर होकर भी हमारे भीतर जीवित रहती है।

जब अगली बार बारिश हो और आपके हाथ में चाय का कप हो, तो कुछ पल के लिए अपनी भागदौड़ रोकिए। शायद किसी की मुस्कान, किसी की आवाज़ या किसी का साथ आपकी यादों की खिड़की पर दस्तक दे रहा हो। क्योंकि कुछ रिश्ते समय से नहीं, यादों से ज़िंदा रहते हैं, और बारिश उन्हें फिर से महका देती है।

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