
अंशु गुप्ता, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
हे कृष्ण तुम लो अवतार,
भक्तन बुलावे तुम्हे बार बार,
मेरे स्वामी करुणा सागर,
मीरा के तुम गिरधर नगर,
हड़का धन्य हुई तुम्हे पाकर,
बनी जोगन मैं भक्ति में जाकर,
सुंदर नयन कोमल अधर,
कमल चरण सुंदर मूरत,
गोकुल का ग्वाल ,
राधा का श्याम
रुक्मणि का प्यारा,
जामवंती का न्यारा,
सत्यभामा का सत्य मेरा प्रिय
सुभद्रा का भ्राता,
तुम द्वारकादिश राधे का प्रीत,
ध्रुव की चाह तुम ,
प्रह्लाद की प्यास तुम,
बाली के लिए वामन रूप
भक्त के लिए नरसिंह स्वरूप,
नारद भजते सूर लिखते ,
कभी अच्युत कभी चतुर्भुज,
कभी कर्मा की खिचड़ी चखते ,
तो कभी शबरी के बैर खाते,
विधुर के घर का भोजन तुम्हारा ,
अर्जुन सिख गीता रचते,
द्रोपदी की लाज तुम,
भक्तों का प्यार तुम,
है मधुसूदन लो अवतार,
मैं देखने को तत्पर तुम्हारा कल्कि अवतार,
पुकारे मेरा मन प्रियतम,
हर्लो तुम सारा तम,
मैं तो तुम्हारी रज दीवानी,
हृदय में उतरी भक्ति की कटारी,
कृष्ण प्रिया अंशु कहे आओ न स्वामी..

Bhot hi sundar 🌻❤️
mere pass sabd nhi h bolne ko tmne itna achha likha h ki ky hi bolu dil ko chu gya
Apki kavita mujhe bahut pasand aai…ap esehi sundr sundr kavita likh k hame anand de dhanyawad ❤️
Hare Krishna 🦚 🙏
Anshu jii pranam
Maine apki or v kabita parhe hai ek chijs Maine notice kiya hai har ek kabita k character main ap ghuske usko mehesush karti hoo isiliye apke kabita mai ek feel rehta hai .. I’m impressed 👏
Keep it up krishna jii apke sath hai
हरे कृष्णा प्रभु जी 🙏सादर प्रणाम
मेरा सौभाग्य है की मेरी काव्य सेवा आप जैसे शुद्ध भक्त के द्वारा स्वीकार की जा रही है , आप अपनी कृपा ऐसे ही बनाये रखे l
Adbhut rachna ke liye dher sari badhai❤️
Otuloniya….🌻🦚🪬
श्री कृष्ण के प्रति अति सुन्दर भाव।
कविता बहुत ही अद्भुत ❤️♥️
Apki kavita mujhe bahut pasand aai hai. ❤️
यह कविता दिल को छू गई। आपने बहुत सरल और सुंदर शब्दों में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। आपकी सोच और लेखन दोनों काबिले-तारीफ हैं।
बेहद खूबसूरत रचना👏🏻✨