टैरो कार्ड रीडर और अंक ज्योतिष विशेषज्ञ पूनम शर्मा से बातचीत
आज की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में जब लोग करियर, रिश्तों और आर्थिक अस्थिरता को लेकर परेशान रहते हैं, तब कुछ लोग वैदिक विद्या और रहस्यमयी विज्ञान की ओर मुड़ते हैं. इन्हीं विद्या में टैरो कार्ड रीडिंग, अंक ज्योतिष और वास्तु शास्त्र शामिल हैं. इन विषयों पर गहरी पकड़ रखने वाली एक जानी-मानी विशेषज्ञ गोरखपुर की पूनम शर्मा से विशेष बातचीत के प्रमुख अंश-
प्रश्न: आपने इस क्षेत्र को करियर के रूप में चुनने की प्रेरणा कहाँ से और कैसे पाई?
उत्तर: सच कहूँ तो इस क्षेत्र को मैंने नहीं चुना, बल्कि इस क्षेत्र ने मुझे चुना. मुझे खुद भी पता नहीं चला कि मैं कब और किस तरह इसके संपर्क में आ गई. पहले तो मुझे इन सब चीजों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था.
प्रश्न: टैरो कार्ड, वास्तु शास्त्र और अंक ज्योतिष की सटीकता पर अक्सर सवाल उठते हैं. आप इसके वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पक्ष को कैसे समझाती हैं?
उत्तर: समुद्र में उतरे बिना उसकी गहराई नहीं नापी जा सकती. जब तक सब कुछ ठीक चलता है, इंसान सहारे की अहमियत नहीं समझता. लेकिन कठिनाइयों में पहला शब्द हे भगवान ही निकलता है. अध्ययन करते-करते जब मुझे प्रमाण और अनुभव मिले, तो मेरा विश्वास और गहरा होता गया.
प्रश्न: जब कोई व्यक्ति समस्या लेकर आपके पास आता है, तो आप सबसे पहले किस तरीके से उसकी स्थिति समझती हैं?
उत्तर: जन्मतिथि जान लेने से ही व्यक्ति के व्यक्तित्व और परिस्थिति की स्पष्ट तस्वीर सामने आ जाती है.

प्रश्न: लोग सबसे ज़्यादा किस बात को लेकर परेशान रहते हैं?
उत्तर: यह उम्र पर निर्भर करता है. किसी के पास पैसा है तो परिवार का सुख नहीं, किसी के पास परिवार है तो मानसिक शांति नहीं. हर क्लाइंट की चुनौती अलग होती है.
प्रश्न: वास्तु शास्त्र और अंक ज्योतिष क्या सचमुच भाग्य बदल सकते हैं?
उत्तर: ये भाग्य नहीं बदलते, बल्कि अंधेरे रास्ते पर टॉर्च की तरह सही दिशा दिखाते हैं. निर्णय लेना आसान हो जाता है.
प्रश्न: टैरो कार्ड रीडिंग से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: सबसे ज़रूरी है मन को शांत रखना. अपनी समस्याओं को किनारे रखकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ रीडिंग करानी चाहिए. तभी समाधान असरदार होता है.

प्रश्न: आपका सबसे यादगार अनुभव कौन-सा रहा?
उत्तर: नाम लेना संभव नहीं है, लेकिन करीब 10 क्लाइंट्स ने मेरी सलाह को अपनाया और अपने जीवन में बदलाव महसूस किया. उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया सुनना बेहद सुखद होता है. अब तो मेरे अपने घरवाले भी किसी काम से पहले मुझसे समय और दिन पूछते हैं.
प्रश्न: डिजिटल युग में ऑनलाइन कंसल्टेशन कितनी सटीक होती है?
उत्तर: ऑनलाइन में कोई कमी नहीं है. बस क्लाइंट ईमानदारी से सही जानकारी दे. अगर सवाल गलत होंगे तो उपाय भी असर नहीं करेंगे. बुखार में हाजमोला काम नहीं करता.

प्रश्न: टैरो, वास्तु और अंक ज्योतिष में से कौन सबसे असरदार है?
उत्तर: इन्हें अलग करना सही नहीं है. जैसे इंद्रधनुष सात रंगों से बनता है और गुलदस्ता कई फूलों से, वैसे ही यह विद्या भी साथ मिलकर असर करती हैं.
प्रश्न: जो लोग इन विद्या पर विश्वास नहीं करते, उन्हें आप क्या संदेश देना चाहेंगी?
उत्तर: मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नहीं. ईश्वर समय के साथ हर किसी तक अपना संदेश पहुँचा ही देते हैं. जिस दिन उन्हें आपकी ज़िंदगी बदलनी होगी, उसी दिन वह आपको विश्वास करना भी सिखा देंगे.

सुरेश परिहार, लाइव वायर न्यूज
