•••प्रेमानंदजी ने लुटाए आंसुओं के मोती

मंत्रमय शंख ध्वनि से इंदौर के अतुल तिवारी ने मन मोह लिया प्रेमानंदजी का

इंदौर से वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा की लाइव वॉयर न्यूज के लिए खास रिपोर्ट

राधारानी के परम भक्त-वृंदावन वाले संत प्रेमानंद जी के प्रवचनों के दीवाने तो पूरे विश्व में हैं। वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में उनके दर्शन की एक झलक पाने को ब्रह्म मुहूर्त से हजारों श्रद्धालु जुट जाते हैं। ऐसे माहौल में खुद प्रेमानंद जी इंदौर के श्रद्धालु अतुल तिवारी परिवार को मिलने का समय दिया, उनकी मंत्रमय शंख ध्वनि को एकांत में सुना और सुनते-सुनते भाव विह्वल हो गए। मंत्रमय शंख ध्वनि के इस साधक पर उन्होंने आंसुओं के मोती लुटाए और खूब आशीर्वाद दिए। सोशल मीडिया पर रातोंरात अतुल तिवारी की इस साधना के फॉलोअर की संख्या करोड़ों में होने का सिलसिला अनवरत जारी है, अतुल इसे प्रेमानंदजी के आशीर्वाद का ही चमत्कार मानते हैं।

अनाड़ी व्यक्ति के लिये तो शंख बजाना वैसे भी आसान नहीं और जो शंख बजाना जानते हैं उनके लिये शंख बजाते हुए मंत्र ध्वनि निकालना इतना भी आसान नहीं।ऐसे में इंदौर के साकेत नगर निवासी अतुल तिवारी वर्षों से मंत्रमय शंख ध्वनि की साधना कर रहे हैं। पितृ भक्त अतुल के पिता स्व रामानारायण तिवारी स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के शहर अध्यक्ष भी रहे हैं।

युवावस्था से ही अध्यात्म में रुचि रखने और ब्रह्म मुहूर्त से ही साधना-शंख नाद करने वाले अतुल तिवारी बीते कई वर्षों से मंत्र मयी शंख ध्वनि साधना कर रहे हैं। उनकी इस कला को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, (यूके) अध्यक्ष एवं सीईओ संतोष शुक्ला और लोकसभा की तत्कालीन अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सम्मानित कर प्रमाणपत्र भी प्रदान कर चुकी हैं।
अपनी इस कला-साधना को प्रेमानंद महाराज भी देखें-सुने यह इच्छा लेकर वो पिछले पखवाड़े सपरिवार वृंदावन पहुंचे थे।वहां उनके स्टॉफ को अपने हुनर के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। स्टॉफ के वरिष्ठ संतों ने प्रेमानंद जी को इस संबंध में बताया। अगले दिन सुबह मुलाकात का समय तय हुआ।

अगली सुबह अतुल, पत्नी प्रतिमा, बेटी जिगिषा, बेटे रितम तिवारी और ड्रायवर सहित पहुंच गए।आमंत्रित दर्शनार्थियों की भीड़ में बैठे रहे और यह देख कर अचकचाते रहे कि उनके बाद वालों से मिल रहे हैं लेकिन उनका नंबर नहीं आ रहा है। अन्य संतों ने अतुल को बताया कि महाराज जी उनसे एकांत में चर्चा करेंगे।
प्रेमानंद जी से मुलाकात में अतुल ने पिता, परिवार, ब्राह्मण कुल आदि की जानकारी के बाद मंत्रमय शंख ध्वनि की जानकारी देने के साथ शंख से पंचदेव स्तुति प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी। उनकी बेटी जिगिषा (गणेश जी, देवी स्तुति, विष्णुजी, गायत्री मंत्र, शंकर जी के अघोर मंत्र, राधे-कृष्ण-राधे कृष्ण, श्रीमन्ननारायण-नारायण, गुरुर ब्रह्मा…) मंत्रोच्चार कर रही थीं और अतुल इन्हीं सारे मंत्रों को शंख ध्वनि से प्रस्तुत कर रहे थे । प्रेमानंद जी मंत्रमुग्ध हो सुनते-सुनते भाव विह्वल हो गए, उनके नेत्रों से अश्रुधारा बह निकली और दोनों हाथों से तालियां बजाते रहे।

इस प्रस्तुति को लेकर उन्होंने अतुल से पूछा तुम्हें कैसे पता लगा इस मंत्रमयी शंख ध्वनि के विषय में ? जवाब था देवी भागवत में प्रसंग है जब राजा भगीरथ ने महादेव से गंगा को पृथ्वी पर भेजने के लिये निमंत्रित किया था, तब गंगा ने भगीरथ से कहा था आप मंत्रमयी शंख ध्वनि करते आगे-आगे चलना, मैं पीछे प्रवाहमान रहूंगी। कथा में प्रसंग यह भी है कि गंगा जब कामाख्या देवी के दर्शन-पूजन कर रही थीं, संध्या पूजन के लिये जहनु ऋषि ने शंख से मंत्र ध्वनि की तो पूजा में विघ्न से क्षुब्ध गंगा ने अपने रौद्र रूप से ऋषि का आश्रम बहा दिया। इससे कुपित ऋषि ने भी गंगा का उदर में आचमन कर लिया। राजा भगीरथ के अनुरोध पर गंगा जहनु ऋषि की जांघ से बाहर आईं, तब से गंगा का एक नाम जाह्नवी भी पड़ा।

इस कथा प्रसंग को सुन कर अतुल तिवारी के आध्यात्मिक ज्ञान से प्रभावित प्रेमानंद जी ने सहयोगी संतों को दक्षिणा भेंट करने का आदेश दिया तो अतुल ने यह कह कर इंकार कर दिया कि आप का आशीर्वाद मेरे लिये अमूल्य है। प्रेमानंद जी ने अतुल तिवारी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रेशमी शॉल, साड़ी-लहंगे आदि से सम्मान किया। साथ ही अगली बार संस्कृत में गायन, शंख पर शिव तांडव सुनाने के लिये आमंत्रण भी दिया।

🔹वॉयरल वीडियो को करोड़ों में लाइक मिले
प्रेमानंद जी के स्टॉफ ने ही अतुल तिवारी के मंत्रमयी शंख प्रस्तुति का वीडियो बना कर फेसबुक, इंस्टाग्राम, वॉट्स एप आदि पर वॉयरल किया था। बाद में तिवारी ने और उनके मित्रों ने भी वीडियो वॉयरल किया। तब से अब तक इस वीडियो को करोड़ों दर्शक लाइक करने के साथ ही सैकड़ों दर्शक वॉयरल कर चुके हैं।

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