Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
एक कमरे में अलग-अलग बैठे तनावग्रस्त दंपत्ति, टूटा हुआ रिश्ता और मानसिक दबाव दर्शाता भावनात्मक दृश्य

टूटते रिश्ते, बढ़ती हिंसा

“यह हिंसा अचानक नहीं होती, बल्कि वर्षों से जमा हो रही पीड़ा और असंतोष का विस्फोट होती है…
एक अस्वस्थ रिश्ते में जीते हुए हर दिन मरने से बेहतर है, उसे अलविदा कहना।”

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होशियार मां

सरला को यक़ीन था कि उसकी बहू उसकी सहेली बनेगी। पर शादी के बाद कहानी कुछ और ही निकली। रिश्ते की शुरुआत से ही अमीषा के नख़रे और लालच से अमित टूटने लगा। जब उसने पैसों और ज़मीन की माँग की तो सरला को समझ आ गया — बात सिर्फ़ ईगो या गलतफ़हमी की नहीं, लोभ की थी। बेटे को बचाने के लिए उसने शांति से, लेकिन चतुराई से उस सच को रिकॉर्ड कर लिया — जिस पर अमीषा को हमेशा भरोसा था कि कोई पकड़ नहीं पाएगा।कोर्ट में सच्चाई का वीडियो जैसे ही सामने आया सबकी स्थिति पलट गई।

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