कुछ पलों की कहानी
यह रचना प्रेम, स्मृति और इंतज़ार की मार्मिक कथा है। प्यार में पागल एक लड़की, जो समय के साथ आगे बढ़ गई है, लेकिन वादों की स्मृतियाँ आज भी बस स्टॉप पर खड़ी मिलती हैं। शीशा, काजल, मुस्कान और हर आती बस सब मिलकर अधूरे प्रेम और लौटकर न आने वाले वादे की एक संवेदनशील कविता रचते हैं।
