मेरी अर्थी पर फिर मत आना
यह कविता उस दर्द को बयां करती है, जब कोई अपना जीते-जी साथ नहीं देता, लेकिन बाद में दिखावे की मोहब्बत लेकर लौटता है।

यह कविता उस दर्द को बयां करती है, जब कोई अपना जीते-जी साथ नहीं देता, लेकिन बाद में दिखावे की मोहब्बत लेकर लौटता है।