साहित्य क्यूँ जिंदा है… LIVE WIRE NEWS NETWORK1 year ago1 year ago01 mins “क्यूँ ज़िंदा है ज़िंदगी जब ये सवाल करे, उत्तर अपने सारे बस बवाल करे, मीठे बोले लगते हो खारे, ख्वाब सारे रह जाए अधूरे, जो आंखों में आंसू भर भर आये — उफ्फ! अब ना तो जिया जाए, तब मन की गिरह खोल के सारी, सिर्फ़ रब को याद करना।” Read More