33 लाख दीपों का होगा नया इस्तेमाल, उज्जैन ने दीपोत्सव के बाद रचा जीरो-वेस्ट मॉडल
उज्जैन में दीपोत्सव के बाद नगर निगम ने सफाई का नया उदाहरण पेश किया। क्षिप्रा नदी के घाटों, कार्तिक मेला प्रांगण और महाकाल महालोक में रिकॉर्ड संख्या में दीप जलाए जाने के बाद 400 से अधिक सफाई मित्रों ने पूरी रात अभियान चलाकर घाटों को साफ किया। सात सेक्टरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। दीपोत्सव के बाद करीब 33 लाख दीपक एकत्र किए गए हैं। नगर निगम अब इन दीपों को कचरे के रूप में नष्ट करने के बजाय ‘वेस्ट-टू-आर्ट’ के तहत इस्तेमाल करेगा। इनसे आकर्षक डिजाइन तैयार कर विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाने की योजना है। इस पहल से दीपोत्सव के बाद निकलने वाले कचरे के पुन: उपयोग का प्रयास किया जा रहा है।
