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एक दिव्य दृश्य में एक ओर बाँसुरी बजाते भगवान कृष्ण और दूसरी ओर खंभे से प्रकट होते भगवान नृसिंह, प्रेम और शक्ति के दो रूप दर्शाते हुए।

मोहन से महाकालः कृष्ण और नृसिंह

“मोहन से महाकालः कृष्ण और नृसिंह” एक प्रभावशाली भक्ति कविता है, जो भगवान विष्णु के दो महान अवतारों श्रीकृष्ण और भगवान नृसिंह का सुंदर चित्रण करती है। एक ओर श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा और गीता ज्ञान के प्रतीक हैं, तो दूसरी ओर नृसिंह अधर्म के विनाश और भक्त रक्षा के प्रतीक हैं। कविता बताती है कि ईश्वर समय और परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग रूप धारण करते हैं। यह रचना भक्ति, शक्ति और धर्म रक्षा का अद्भुत संदेश देती है, जो पाठकों के मन में श्रद्धा और उत्साह भर देती है।

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