Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
लाल टेशू के फूलों से लदे पेड़ की डाल पर बैठी एक अकेली स्त्री की परछाईं, पृष्ठभूमि में धुंधला बियाबान जंगल

उसने चाहा प्रेम…

यह कविता स्त्री की उन अधूरी इच्छाओं की कहानी कहती है जिन्हें समाज ने अपराध, पाप या विद्रोह घोषित कर दिया। प्रेम, सौंदर्य, आध्यात्म और स्वतंत्रता की चाह रखने वाली स्त्री हर मोड़ पर दंडित होती रही लेकिन अंततः वह अपनी ही आग में एक नई सत्ता बनकर उभरती है।

Read More