झील किनारे कैफ़े में दो कप चाय के साथ बैठी महिला, अपने मित्र की यादों में खोई हुई, सच्ची दोस्ती पर आधारित भावनात्मक हिंदी कहानी।

कैफे हाउस …

शांत झील के किनारे एक कैफ़े, दो कप चाय और दो आत्मीय मित्र। एक पत्रकार, जो सच लिखता है, और एक कवयित्री, जो संवेदनाओं को शब्द देती है। अलग-अलग रास्तों पर चलते हुए भी दोनों एक-दूसरे को बेहतर इंसान बनाते हैं। यह कहानी बताती है कि हर स्त्री-पुरुष का रिश्ता प्रेम नहीं होता; कुछ रिश्ते विश्वास, सम्मान, मर्यादा और सच्ची दोस्ती से जीवनभर महकते रहते हैं।

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