यह बात ज़ात-पात की नहीं, सोच और नज़रिया की है।हर बात की तह में जाने की आदत कभी फ़ायदा देती है, कभी सुकरात की तरह जान भी ले लेती है।
चींटी की कहानी सिखाती है कि औक़ात जानकर, शांत रहकर आगे बढ़ना ही बुद्धिमानी है। बच्चों को भी यही समझ देना चाहिए कि हर अनजानी बात पर भरोसा न करें।