शाश्वत कर्म
“शाश्वत कर्म” एक आध्यात्मिक कविता है, जो श्रीकृष्ण भक्ति, कर्मयोग और मानव जीवन के शाश्वत सत्य को सरल और भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है।

“शाश्वत कर्म” एक आध्यात्मिक कविता है, जो श्रीकृष्ण भक्ति, कर्मयोग और मानव जीवन के शाश्वत सत्य को सरल और भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है।
भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना में जब भी भक्ति और आध्यात्मिक साहित्य की बात होती है, गोस्वामी तुलसीदास का नाम श्रद्धा और गौरव के साथ लिया जाता है. वे न केवल एक संत, एक कवि और एक भक्त थे, बल्कि आध्यात्मिक क्षेत्र के ऐसे युगपुरुष भी थे जिन्होंने अपनी रचनाओं से भारतीय समाज की आत्मा को गहराई से स्पर्श किया.
लगभग 500 वर्ष पूर्व भारत में मुगल शासन की नींव पड़ चुकी थी. इसी काल में उत्तरप्रदेश के बांदा ज़िले के ग्राम राजापुर में रामबोला नामक बालक का जन्म हुआ.
साउथ सुपरस्टार पवन कल्याण अभिनीत मेगा बजट फिल्म ‘हरिहर वीरमल्लू (धर्मयुद्ध)’ 24 जुलाई को देशभर में पांच भाषाओं में रिलीज हुई। इस ऐतिहासिक फिल्म में उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को धर्म की धुरी के रूप में विशेष भूमिका मिली है। यह फिल्म विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारत में किए गए मंदिरों के विध्वंस और सनातन धर्म की रक्षा में समर्पित वीरमल्लू के जीवन पर आधारित है। फिल्म में पवन कल्याण ने धर्मरक्षक वीरमल्लू की भूमिका निभाई है, जबकि बॉबी देओल औरंगज़ेब के रूप में नजर आएंगे।
प्रयागराज—तीर्थों का राजा, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का त्रिवेणी संगम आत्मा को छू लेने वाला अनुभव बन जाता है। यह केवल नदियों का मिलन नहीं, श्रद्धा और सनातन परंपरा की धारा है। संगम में एक डुबकी, जीवन के सभी द्वंद्वों से मुक्ति और शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। नाव की धीमी चाल, मंत्रों की गूंज और जल पर तैरते दीप—यह एक ऐसी यात्रा है, जो हृदय को भीतर तक शांत कर देती है।