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सुबह की पूजा में मंदिर के सामने जलता हुआ घी का दीपक

दीपक का आध्यात्मिक रहस्य

सुबह और शाम दीपक जलाने की परंपरा केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है। जानिए शास्त्र क्या कहते हैं और क्या किसी दिन दीपक न जलाने से भगवान सचमुच नाराज़ हो जाते हैं।

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मोर मुकुट धारण किए भगवान श्रीकृष्ण, हाथ में बांसुरी, वृंदावन के कुंजों में राधा और गोपियों के साथ दिव्य रासलीला का मनमोहक दृश्य।

श्री कृष्ण

ज बिहारी श्रीकृष्ण की दिव्य महिमा, राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम और वृंदावन की रासलीला का सुंदर काव्यात्मक चित्रण। माखनचोर नंदलाल की बाल लीलाओं से लेकर उनके मनमोहक स्वरूप तक, यह कविता भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक आनंद का मधुर संदेश देती है। श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा और समर्पण से ओतप्रोत यह रचना भक्तों के हृदय को भाव-विभोर कर देती है।

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तुलसीदास: एक ताने ने जिसे बना दिया युगों का संत

भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना में जब भी भक्ति और आध्यात्मिक साहित्य की बात होती है, गोस्वामी तुलसीदास का नाम श्रद्धा और गौरव के साथ लिया जाता है. वे न केवल एक संत, एक कवि और एक भक्त थे, बल्कि आध्यात्मिक क्षेत्र के ऐसे युगपुरुष भी थे जिन्होंने अपनी रचनाओं से भारतीय समाज की आत्मा को गहराई से स्पर्श किया.
लगभग 500 वर्ष पूर्व भारत में मुगल शासन की नींव पड़ चुकी थी. इसी काल में उत्तरप्रदेश के बांदा ज़िले के ग्राम राजापुर में रामबोला नामक बालक का जन्म हुआ.

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महाकाल की महिमा अब सिनेमा में

साउथ सुपरस्टार पवन कल्याण अभिनीत मेगा बजट फिल्म ‘हरिहर वीरमल्लू (धर्मयुद्ध)’ 24 जुलाई को देशभर में पांच भाषाओं में रिलीज हुई। इस ऐतिहासिक फिल्म में उज्जैन के भस्म रमैया भक्त मंडल को धर्म की धुरी के रूप में विशेष भूमिका मिली है। यह फिल्म विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारत में किए गए मंदिरों के विध्वंस और सनातन धर्म की रक्षा में समर्पित वीरमल्लू के जीवन पर आधारित है। फिल्म में पवन कल्याण ने धर्मरक्षक वीरमल्लू की भूमिका निभाई है, जबकि बॉबी देओल औरंगज़ेब के रूप में नजर आएंगे।

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प्रयागराज: जहाँ जल भी मोक्ष का द्वार बनता है

प्रयागराज—तीर्थों का राजा, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का त्रिवेणी संगम आत्मा को छू लेने वाला अनुभव बन जाता है। यह केवल नदियों का मिलन नहीं, श्रद्धा और सनातन परंपरा की धारा है। संगम में एक डुबकी, जीवन के सभी द्वंद्वों से मुक्ति और शांति का मार्ग प्रशस्त करती है। नाव की धीमी चाल, मंत्रों की गूंज और जल पर तैरते दीप—यह एक ऐसी यात्रा है, जो हृदय को भीतर तक शांत कर देती है।

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