साहित्य अभिलाषा LIVE WIRE NEWS NETWORK12 months ago3 months ago31 mins नहीं थी हीरे मोती की अभिलाषा, बस साथ तुम्हारा चाहती थी… अब ना है कोई अभिलाषा, ना ही तुम्हारे साथ की आशा अब खुद के लिए जियूं, बस यही है मेरी अभिलाषा।” Read More