शब्दों का मौन
जब शब्द जन्म लेना बंद कर देते हैं, तब लेखक सबसे अधिक बेचैन होता है। यह कविता उसी सृजनात्मक मौन, भीतर की उदासी और प्रकृति से संवाद के माध्यम से लेखन की रहस्यमयी पीड़ा को गहराई से व्यक्त करती है।

जब शब्द जन्म लेना बंद कर देते हैं, तब लेखक सबसे अधिक बेचैन होता है। यह कविता उसी सृजनात्मक मौन, भीतर की उदासी और प्रकृति से संवाद के माध्यम से लेखन की रहस्यमयी पीड़ा को गहराई से व्यक्त करती है।