Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
चांदनी रात में समुद्र किनारे खड़ा एक अकेला व्यक्ति क्षितिज की ओर देख रहा है। किनारे से टकराती लहरें, गीली रेत पर पदचिह्न और शांत वातावरण प्रेम, यादों और विरह की भावनाओं को दर्शा रहे हैं।

लहरों सी मेरी यादें…

कुछ यादें समंदर की लहरों जैसी होती हैं। वे बार-बार दिल के किनारे से टकराती हैं और किसी अपने का नाम फिर से लिख जाती हैं। यह कविता प्रेम, विरह और उन यादों की कहानी है, जो समय बीत जाने के बाद भी दिल में जीवित रहती हैं।

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