मुखरित संवेदनाएँ
एक वास्तुविद् घर का निरीक्षण करने आता है, लेकिन परिवार के आपसी प्रेम, सम्मान और सामंजस्य को देखकर उसे एहसास होता है कि ऐसे घर में किसी वास्तुदोष की गुंजाइश ही नहीं।

एक वास्तुविद् घर का निरीक्षण करने आता है, लेकिन परिवार के आपसी प्रेम, सम्मान और सामंजस्य को देखकर उसे एहसास होता है कि ऐसे घर में किसी वास्तुदोष की गुंजाइश ही नहीं।