मिट्टी का ये घर है अपना
मिट्टी से बने इस शरीर और संसार की नश्वरता को समझाती यह कविता याद दिलाती है कि धन, मान-सम्मान और रिश्ते सब यहीं रह जाते हैं. जीवन में जब तक साँसें हैं, प्रेम बाँटना ही सबसे बड़ी सार्थकता है।

मिट्टी से बने इस शरीर और संसार की नश्वरता को समझाती यह कविता याद दिलाती है कि धन, मान-सम्मान और रिश्ते सब यहीं रह जाते हैं. जीवन में जब तक साँसें हैं, प्रेम बाँटना ही सबसे बड़ी सार्थकता है।