नया मन
“नया मन” केवल एक कविता नहीं, बल्कि जड़ हो चुके विचारों, पूर्वाग्रहों और दूषित सामाजिक यथार्थ के विरुद्ध एक संवेदनशील पुकार है। यह रचना ऐसे नए मन, नए विचार और नई चेतना की कल्पना करती है, जो निष्कलुष, मानवीय और सत्यनिष्ठ हो। कविता पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है और एक बेहतर समाज की संभावना को स्वर देती है।
