Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
सूर्योदय की सुनहरी रोशनी में एक भारतीय माँ अपने वयस्क बच्चे के सिर पर स्नेहपूर्वक हाथ रखे खड़ी है। दोनों के चेहरे पर प्रेम, सम्मान और आत्मीयता झलक रही है। पृष्ठभूमि में हरे-भरे खेत, खिले हुए फूल और शांत आकाश दिखाई दे रहे हैं, जो मातृत्व, त्याग, संरक्षण और जीवन की प्रेरणा का प्रतीक हैं।

ममता सागर

माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, प्रेरणा और समर्पण का जीवंत स्वरूप है। यह भावपूर्ण कविता ईश्वर के सबसे अनमोल उपहार “माँ” के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करती है।

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