‘बेरंग’ ने खोले किशोरों के मन के दरवाज़े

सिर्फ बस्तियों या निम्न वर्गों में नहीं, बल्कि समृद्ध समाजों में भी किशोर अपराध देखने को मिलते हैं। हम तब ही इस पर चर्चा करते हैं जब कोई बड़ा हादसा हो, जैसे हाल ही में पुणे की पोर्श दुर्घटना। लेकिन हमें ऐसे मामलों की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। सभी सामाजिक पृष्ठभूमि के बच्चों को समझने की जरूरत है।” यह विचार प्रसिद्ध लघु फिल्म निर्देशक राहुल पनशिकर ने नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (NFAI) में अपनी लघु फिल्म ‘बेरंग’ की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर व्यक्त किए।यह फिल्म किशोरों की मानसिक और भावनात्मक जद्दोजहद को संवेदनशील तरीके से दर्शाती है।‘बेरंग’ का निर्माण राहुल्स ग्राफिक्स ने किया है और इसका समर्थन फ्लीटगार्ड फिल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है।

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