स्लेट, पेम और चुप्पी

स्लेट, पेम और पानी.. इन सबसे जुड़ी एक मासूम-सी बात आज भी याद आते ही होंठों पर मुस्कान आ जाती है. बात उन दिनों की है. तब स्कूल जाना अभी-अभी शुरू हुआ था. मैं बहुत छोटा था और मेरी बड़ी बहन.. जीजी. मुझे अपने साथ स्कूल ले जाया करती थीं. वे अपनी कक्षा में जातीं और मैं अपनी. सरकारी स्कूल था, इसलिए कक्षाएँ पास-पास थीं और जीजी की नज़र मुझ पर बनी रहती थी.

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सोने की चूड़ियां

सुमेरा को सोने की चूड़ियों का बड़ा शौक था। बचपन से ही बस यही उसका इकलौता ख़्वाब था। उसे पूरा करने के लिए वह सिलाई और ट्यूशन करके पैसे जोड़ रही थी। आज वही सारी बचत उसने भाई की मेडिकल कॉलेज की फीस के लिए बड़ी खुशी से निकाल दी।
निम्न-मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा मेडिकल की पढ़ाई करेगा यह बात अपने-आप में बहुत बड़ी थी।

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