Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
भारतीय घर के अंदर दो बहनों के बीच भावुक बातचीत का दृश्य, दरवाजे पर एक युवक हाथ में जन्मदिन का उपहार लिए खड़ा है, कमरे में आश्चर्य और संवेदना का माहौल।

उपहार

उपहार एक मार्मिक लघुकथा है, जो बाहरी रूप और सामाजिक धारणाओं से ऊपर उठकर इंसानियत का संदेश देती है। सुनीति, कल्पना और जतिन के संवादों के माध्यम से कहानी बताती है कि हर व्यक्ति को उसके रूप से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और भावनाओं से परखना चाहिए। जहां एक ओर दिखावटी उपहार अस्वीकार हो जाता है, वहीं स्नेह, सम्मान और भाईचारे का भाव सबसे बड़ा उपहार बनकर सामने आता है। यह कहानी पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि असली सुंदरता मन और नीयत में होती है।

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