फ़िज़ा गुलज़ार हो उठी
गरीबी और संघर्षों के बीच पली शगुन ने मेहनत के दम पर अपने माता-पिता के लिए सपनों का घर बनाया. लेकिन प्रेम और विवाह के सवाल पर उसका मन अब भी उलझा हुआ था. एक घटना ने उसके रिश्ते को नई दिशा दे दी.

गरीबी और संघर्षों के बीच पली शगुन ने मेहनत के दम पर अपने माता-पिता के लिए सपनों का घर बनाया. लेकिन प्रेम और विवाह के सवाल पर उसका मन अब भी उलझा हुआ था. एक घटना ने उसके रिश्ते को नई दिशा दे दी.