Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
शहर की सड़क के डिवाइडर पर लेटी सोचमग्न बिल्ली, पीछे गुजरती कारें और मोबाइल में व्यस्त लोग, बदलते समय का व्यंग्यात्मक दृश्य।

बिल्ली का अफसोस !

“बिल्ली का अफसोस” एक रोचक व्यंग्य कविता है जिसमें बिल्ली के माध्यम से बदलते समाज, खत्म होते अंधविश्वास और घटते रुतबे पर मज़ेदार कटाक्ष किया गया है।

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