Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

फ़र्क

एक पल में तान्या का भरोसा टूट गया और माँ दुर्गा जाग उठीं। जिस चेहरे को उसने पिता का रूप मान लिया था, वही चेहरा बच्चों की सुरक्षा पर सवाल बन गया। उस दिन उसे समझ आया—रिश्ता होना और रिश्ता दिखना, दोनों में ज़मीन-आसमान का फ़र्क होता है।

Read More

कितनी अमायरा!

अखबारों की सुर्खियाँ कभी–कभार दहला देती हैं.जान देती बच्चियाँ, दबा दी जाती चीखें,और घोंघे सी रफ्तार से सरकतीं फाइलें। कुछ अमायरा साहस करती हैं, कुछ सहती हैं, कुछ ज़हर के घूंट पी जाती हैं…और कुछ अंतिम मुक्ति चुन लेती हैं।
बाल-दिवस पर याद आती है अमायरा. जिसकी मासूमियत दुनिया की क्रूरता से हार गई।

Read More