ख़ूबसूरत हिस्सा
शायद प्रेम यही तो है जब किसी का होना ही आपकी दुनिया को मुकम्मल कर दे, ख़ामोशियों को गीत और साधारण दिनों को भी ख़ूबसूरत बना दे।

शायद प्रेम यही तो है जब किसी का होना ही आपकी दुनिया को मुकम्मल कर दे, ख़ामोशियों को गीत और साधारण दिनों को भी ख़ूबसूरत बना दे।
विजया डालमिया, हैदराबाद वो हमारा दीवानापन थाया बचपन की मोहब्बत,जिसे दोस्ती का नाम देकरकरते थे हर पल शरारत। बड़े होने पर भीसब कुछ याद है मुझे…. छोटी-छोटी ज़िद, छोटी-छोटी तकरार,देती थी लंबी-सी खुशी।वो तपती धूप मेंएकटक उसके घर की ओर ताकते रहना,उसकी एक झलक पाने के लिए। पैरों में पड़े फफोलों को देखकरउसका मुझे डाँटना,और…