जीवन के कुछ पन्ने
जीवन की भागदौड़ में कुछ रिश्ते पीछे छूट जाते हैं, लेकिन उनकी यादें हमारे भीतर कहीं ठहर जाती हैं. यह कविता उन्हीं शांत पलों की कहानी है, जब आसमान, सितारे और शाम की खुशबू किसी अपने की याद दिला जाती है.

जीवन की भागदौड़ में कुछ रिश्ते पीछे छूट जाते हैं, लेकिन उनकी यादें हमारे भीतर कहीं ठहर जाती हैं. यह कविता उन्हीं शांत पलों की कहानी है, जब आसमान, सितारे और शाम की खुशबू किसी अपने की याद दिला जाती है.
सावन की हर बूंद बीते प्रेम की यादों को फिर से जगा देती है। ‘मन का सावन’ विरह, प्रतीक्षा और मिलन की अधूरी चाहत को बारिश के रूपक में पिरोती भावपूर्ण कविता है।
यह कविता कृष्ण और राधा के अधूरे मिलन और आधे गीत की पीड़ा को व्यक्त करती है। कवि अपने मन में बंसी की तान सुनते हुए राधा जैसा जीवन जीने की चाहत व्यक्त करता है। अधूरी आकांक्षाएँ, जंजीरों को तोड़कर आज़ादी पाने की तड़प, और पुनर्जन्म में फिर से कृष्ण को देखने की प्रार्थना कविता के भावों को गहरा और मार्मिक बनाती है। यह कविता प्रेम, विरह और आधे जीवन की अधूरी तृप्ति को दर्शाती है।