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सूर्यास्त के समय प्रकृति के बीच खड़ा एक जोड़ा, जो खामोशी में गहरे प्रेम और जुड़ाव को महसूस कर रहा है

प्रेम और चाहत

चाहत अक्सर एक इच्छा से जन्म लेती है—किसी को पाने, उसे अपने करीब रखने और उसके साथ अपने सपनों को पूरा करने की चाह। इसलिए समय, परिस्थितियों और मनःस्थिति के बदलने के साथ चाहत भी बदल सकती है। जब उम्मीदें पूरी नहीं होतीं या हालात साथ नहीं देते, तो चाहत का रंग फीका पड़ने लगता है।

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